जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज भी भारी हंगामे के साथ सदन की शुरुआत हुई। विशेष दर्जे और राज्य के दर्जे (स्टेटहुड) की बहाली के प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बीच तीखी झड़प हुई।
भाजपा नेता सुनील शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पर असंवैधानिक प्रस्ताव पर चर्चा कराने का आरोप लगाते हुए उनसे नैतिकता के आधार पर तत्काल पद छोड़ने की मांग कर दी।
इसके बाद पूरे सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया और एनसी विधायकों ने भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिसके चलते स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्पीकर इस्तीफा दें, बीजेपी का तीखा हमला
सत्र की शुरुआत होते ही नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता सुनील शर्मा ने मोर्चा संभाला उन्होंने सीएम के बयान का हवाला देते हुए कहा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद स्वीकार किया था कि संबंधित अधिकारियों ने स्पीकर को पहले ही पत्र लिखकर सूचित किया था कि जिस प्रस्ताव पर बहस हो रही है, वह असंवैधानिक है।क्रेडिबिलिटी पर सवाल
भाजपा विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया और श्यामलाल शर्मा की भी स्पीकर के साथ तीखी बहस हुई। स्पीकर ने जब कहा, "आप मुझे मत सिखाएं, मुझे पता है क्या करना है", तो मनकोटिया ने पलटवार करते हुए सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।फारूक अब्दुल्ला पर आरोप को लेकर गरमाया माहौल
सदन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने भाजपा के आरोपों का कड़ा विरोध किया। एनसी विधायक शौकत अहमद गनाई ने कहा कि बलवंत सिंह मनकोटिया को डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर जेकेएलएफ (JKLF) का संस्थापक होने का झूठा आरोप लगाने के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
भारी नारेबाजी के बीच एनसी विधायक हिलाल अकबर लोन अपनी सीट से उठकर आगे आ गए, जिसके बाद स्पीकर ने सभी को शांत कराते हुए कहा— "टेक योर सीट्स, तशरीफ रखिए।"
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने रखा सरकार का पक्ष
हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा और भाजपा पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया डिप्टी सीएम ने विशेष दर्जे और स्टेटहुड की बहाली के प्रस्ताव पर चर्चा कराने के लिए स्पीकर का आभार जताया और कहा कि यह सदन जम्मू-कश्मीर की जनता का दिया हुआ पवित्र मंच है।