सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि हिंदू धर्म से इस्लाम में धर्मांतरण करने वाला व्यक्ति पिछड़ा वर्ग (BC) श्रेणी के तहत आरक्षण लाभ का दावा नहीं कर सकता।
जस्टिस पीके मिश्रा और श्री चंद्रशेखर की बेंच ने कहा कि जो व्यक्ति हिंदू सामाजिक व्यवस्था से गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में जाता है, वह इस लाभ का दावा नहीं कर सकता।
तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया था जिसमें सात मुस्लिम संप्रदायों को पिछड़ा वर्ग के रूप में मान्यता दी गई थी, जिससे हिंदू पिछड़ा वर्ग के लोग इस्लाम में धर्मांतरण के बाद पिछड़ा वर्ग मुस्लिम के रूप में माने जा रहे थे।